गर्दन या कमर से पैर तक जाने वाला दर्द कई कारणों से हो सकता है। हल्की गतिविधि कुछ स्थितियों में उपयोगी हो सकती है, लेकिन हर आसन हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होता। पहले निदान और व्यक्तिगत सलाह को प्राथमिकता दें।
शुरुआत से पहले
यदि दर्द नया, तेज या बढ़ता हुआ है, हाल में चोट लगी है, या दर्द हाथ/पैर में कमजोरी, सुन्नपन या संतुलन की समस्या के साथ है, तो पहले चिकित्सक से सलाह लें।
चार हल्के विकल्प
1) आरामदायक स्थिति में धीमी सांसें। 2) कंधों को बिना जोर दिए धीरे घुमाना। 3) दर्द-रहित सीमा में गर्दन को हल्का दाएँ-बाएँ मोड़ना। 4) पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़े हुए आराम करना। किसी भी गतिविधि से दर्द बढ़े तो रोकें।
क्या न करें
गर्दन को जोर से घुमाना, झटके देना, गहरे आगे-पीछे झुकना या दर्द सहकर आसन करना उचित नहीं। साइटिका के लिए एक ही आसन सब पर लागू नहीं होता।
तत्काल चेतावनी संकेत
पेशाब/मल पर नया नियंत्रण न रहना, जांघों के बीच सुन्नपन या तेजी से बढ़ती कमजोरी होने पर आपात चिकित्सा सहायता लें।
लेखक: Mukesh, Ashtangaa Yoga with Mukesh. योगाभ्यास अपनी क्षमता और योग्य मार्गदर्शन के अनुसार करें।
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